Saturday, 18 October 2025
तलाकशुदा की कामवासना और सेक्स का सुख
Thursday, 16 October 2025
रिज़ॉर्ट में मिली भाभी की मसाज और चुदाई
हॉट भाभी सेक्स की घटना बता रहा हूं, यह अभी 15 दिन पहले ही मेरे साथ घटित हुई.
तब मैं ट्रेनिंग के सिलसिले में उदयपुर एक रिसॉर्ट में रुका हुआ था.
उधर मुझे एक भाभी मिली, जिसकी मैंने मसाज करके चुदाई की.
इसके एवज में भाभी ने मुझे पैसे भी दिए.
यह मेरे जीवन की पैसे लेकर की हुई पहली चुदाई के लिए थे, तो मैं बहुत खुश था.
मैंने पहले अपना परिचय पहली कहानी में दिया था मगर जिन्होंने पहले कहानी
नहीं पढ़ी हो उन्हें एक बार फिर से बताना चाहूंगा कि मैं राजस्थान जयपुर
का रहने वाला हूं और मेरी उम्र 32 साल है.
मैं सामान्य कद काठी का इंसान हूं. लगभग 5 फीट 8 इंच की हाइट है और मैं एक सरकारी संस्था में अच्छे पद पर कार्य कर रहा हूं.
मैं पिछली कहानी में एक बात आपको बताना भूल गया था कि सरकारी नौकरी लगने से पहले मैंने फिजियोथैरेपी का भी एक कोर्स किया था.
उस वक्त मैं फिजियोथेरेपी की लाइन में जाना चाहता था लेकिन इस बीच ही मुझे सरकारी नौकरी मिल गई तो मैंने उसे कार्य को छोड़ दिया था और उसकी तरफ कभी ध्यान नहीं दिया.
मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूं क्योंकि यह जो आगे आने वाली घटना है, वह इसी से संबंधित है.
मुझे नौकरी के सिलसिले में अभी ट्रेनिंग पर 5 दिन के लिए उदयपुर जाना हुआ.
इस दौरान मैं एक अच्छे दर्जे के रिसॉर्ट में रुका.
उस रिसोर्ट में मैं 2:00 बजे पहुंचा था.
उधर पहुंचते ही सबसे पहले मैंने वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेना शुरू किया.
वहां पर मैंने एक कोने में स्पा देखा और स्पा के सामने ही अच्छा स्विमिंग पूल भी था जो बहुत साफ सुथरा था.
चूंकि मुझे रहने के लिए एक कॉटेज मिला हुआ था तो कॉटेज से दूर घूमते हुए नजारा देखने लगा.
उधर अच्छा माहौल, पेड़ पौधे थे. मुझे वह एक बहुत ही शानदार जगह लगी.
जब मैं स्पा की तरफ गया तो मुझे ऐसा अहसास हुआ कि वाकयी यह एक बहुत अच्छा रिसॉर्ट है.
अपने चुदाई के शौक के चलते मुझे लगा कि यह एक अच्छा स्पा होगा.
अब उधर किसी चूत के लिए भी मैं अपनी नजर घुमाने लगा था कि कोई माल मिल जाए तो मजा आ जाए.
उसी वक्त मुझे किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी.
यह एक महिला की आवाज थी.
मैंने ध्यान दिया तो एक महिला स्पा वाले स्टाफ पर जोर-जोर से चिल्ला रही थी.
मैंने थोड़ा नजदीक जाकर देखा तो देखा कि 5 फीट 4 इंच की हाइट वाली यह महिला गाउन पहनी हुई थी.
वह बहुत सुंदर लग रही थी.
इस वन पीस वाले गाउन में उसकी आधी टांगें खुली हुई थीं और नितंब बाहर को निकले हुए साफ नुमायां हो रहे थे.
आगे से बूब्स उभरे हुए थे.
कुल मिलाकर वह काम की देवी लग रही थी.
उस महिला को स्पा के लोग ना ना कह रहे थे.
मैंने करीब जाकर पूछा- क्या हुआ?
उसने स्टाफ वाले आदमी ने कहा- सर हमारे यहां महिला को महिला मसाज करती है और पुरुष को पुरुष. इसी तरह हमारे यहां महिला की स्पा महिला करती है और पुरुष के लिए स्पा का काम पुरुष करता है. यहां मसाज या स्पा का काम अपोजिट सेक्स वाले नहीं करते हैं. मैडम इसी बात को लेकर जिद कर रही हैं.
यह सब सुनकर मुझे भी गुस्सा आया और मैं भी उन लोगों से कहने लगा.
अब वह महिला मेरे साथ हो गई और हम दोनों एक होकर उन लोगों से बहस करने लगे.
इस तरह काफी देर तक उनसे बहस करने के बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो हम दोनों स्विमिंग पूल की तरफ आ गए.
वह लेडी मेरे साथ ही आ गई.
इस तरह हमारा परिचय हुआ.
धीरे-धीरे साथ चलते चलते हुए हमने एक दूसरे से बातचीत की.
बातों से पता लगा कि उसके हस्बैंड कोई मल्टीनेशनल कंपनी में हैं और यहां पर आए हुए हैं.
वह लेडी भी घर में अकेली रह जाने के कारण बोर हो रही थी, तो उनके साथ ही घूमने के लिए आई हुई थी.
उनके पति अपने किसी फ्रेंड के यहां गए हुए थे और उन्हें उधर तीन दिन का कोई काम था.
इसी वजह से वह बोर हो रही थी.
उसने इस समय में स्पा का प्रयोग करना सही समझा था लेकिन स्पा की सर्विस से वह काफी निराश हुई.
उसने बताया कि उसकी बॉडी में बहुत दर्द हो रहा है और वह एक अच्छी मसाज के लिए बहुत ज्यादा तड़प रही है.
जैसे ही उसने मसाज के लिए कहा, तभी मेरे दिमाग में आईडिया आया कि अरे मसाज तो मैं भी कर सकता हूं.
मैंने उसको बताया कि मैडम वैसे मैंने भी फिजियोथैरेपी का कोर्स कर रखा है लेकिन आज तक कभी किसी की मसाज की नहीं है. हालांकि मैं आपसे प्रोफेशनल मसाज के लिए तो नहीं बोल सकता लेकिन ट्राई जरूर कर सकता हूं!
तो वह हंसने लगी और उसने कहा- चलो ट्राई कर लेते हैं!
मैंने कहा- नहीं, मैं किसी और वजह से नहीं कह रहा हूँ, दरअसल मैंने जिस
कोर्स को किया है, उसको अपने भविष्य की जॉब के उद्देश्य से किया था कि फीस
मिलने लगेगी. इधर मैं ट्राई तो कर सकता हूं लेकिन आपको मेरी फीस देनी
पड़ेगी!
वह हंस कर बोली- आपकी जो भी फीस होगी, मैं दे दूँगी. वैसे कितनी फीस चार्ज करते हैं आप?
मैंने कहा- मैं एक प्रोफेशनल इंसान हूं. इसकी थैरेपी की फीस 4000 रुपए
लगेगी. मसाज जितनी देर तक चाहें और जिस तरह से चाहेंगी, मैं वैसे मसाज
दूंगा.
वह बोली- ओके!
उसने रूम नंबर बताते हुए कहा- आप दस मिनट बाद मेरे कमरे में आ जाइए. मैं जब तक अपने रूम में जाकर रेडी होती हूं!
मैं भी चेंज के लिए अपने कमरे में आ गया.
मैंने चेंज किया, निक्कर और टीशर्ट डाली.
निक्कर के नीचे मैंने जानबूझ कर अंडरवियर नहीं पहनी.
फिर करीबन 15 मिनट बाद मैं घूमते हुए उसके रूम के बाहर तक पहुंच गया.
उसने जो कॉटेज ले रखा था, वह एक अलग साइड में बना था.
वहां पर आराम से खुला माहौल था और वह बेहद शानदार एरिया था.
कमरे के अन्दर एसी चल रहा था.
मैंने रिंग बजाई तो बेल बजने मैडम ने दरवाजा खोला.
मैडम का नाम अविशा था मैं आपको बताना भूल गया था.
अविशा ने दरवाजा खोला तो मैंने पूछा- हो गईं आप रेडी?
उन्होंने एक ब्लैक गाउन पहना हुआ था और वह गाउन पूरी तरह पारदर्शी था, जिसमें उसकी ब्रा और पैंटी साफ़ दिखाई दे रही थी.
उसका दूधिया संगमरमर सा बदन देख कर मैं देखता ही रह गया.
उसने इठलाते हुए कहा- अन्दर भी आओगे कि यहीं आंखों से ही निपटा दोगे!
जब अविशा आंख मारती हुई बोली और वह स्माइल करने लगी तो मुझे पता लग गया कि
मैडम सिर्फ मसाज नहीं करवाएगी … आज ये और भी बहुत कुछ करवाना चाहती है.
उसको देखकर लग तो गया था लेकिन मैं कुछ बोला नहीं.
बस अन्दर आया और मैंने कहा- मैडम आप अपना गाउन उतार दें और उल्टी होकर लेट जाएं.
वह बोली- किधर?
साइड में एक सोफा लगा था.
मैंने सोफे की तरफ इशारा करते हुए कहा- मैडम, आप इस सोफे पर उल्टा लेट जाइए.
मैंने सामने टेबल पर रखी एक टावल को उठा कर उस सोफ़े पर डाल दिया और उसे आने के लिए कहा.
अविशा मैडम बोली- मुझे मैडम मत बोलो राज, आप मुझे अविशा कह कर ही पुकारो न … आप एक अच्छे पद पर कार्य करते हो और मसाज आपका काम नहीं है, सिर्फ मस्ती के लिए करते हो. अब हम दोनों दोस्त हैं राज, मुझे सिर्फ शरीर का सुख नहीं चाहिए बल्कि मैं एक अच्छे दोस्त चाहती हूं … जो मुझे समझे. वह समझदार हो, अच्छा इंसान और अच्छा दिखता भी हो … और तुम में वह सब है राज!
उसके मुँह से यह सब सुनकर मैं हल्का सा मुस्कुराया और बोला- राज आपको कभी निराश नहीं करेगा अविशा!
वह खुश हो गई.
मैंने कहा- अविशा, आप उल्टे होकर लेट जाइए और अपना गाउन उतार दीजिए.
उसने जैसे ही गाउन उतारा, मैं सन्न रह गया.
वह अपने इस गाउन के नीचे सिर्फ चड्डी और ब्रा में थी, जो बहुत ही छोटी थी. पिछवाड़े पर उसकी चड्डी चूतड़ों की दरार में फंसी थी.
उसके गोरे गोरे नितम्ब देखकर ही मेरा लौड़ा सलामी देने लग गया.
मुझे समझ आ गया था कि आज सिर्फ मसाज नहीं होगी, चुदाई भी होगी.
इसका कारण भी था क्योंकि मुझे खुद पर पूरा विश्वास था कि मैं मसाज करते-करते अविशा को गर्म कर ही दूंगा.
मैं पहले से ही अपने कमरे सेक्स की की गोली साथ लेकर आया था कि यदि जरूरत हुई तो आज अविशा की चूत का भोसड़ा बना दूंगा.
अविशा लेट गई.
मैं अपने साथ मसाज वाला तेल लेकर आया था.
मैं खुद के लिए कभी किसी स्पा या मसाज वाली जगह जाता हूं तो अपना खुद का तेल लेकर ही जाता हूं.
आज भी मैं वही तेल लेकर आया था.
मैंने अविशा को उल्टा लेटा कर उसकी टांगों की उंगलियों से मसाज करनी शुरू की.
मैंने फिजियोथैरेपी की है, तो मैं रिलैक्स प्वाइंट पर सबसे पहले मसाज देना शुरू करता हूं.
जब भी मेरी वाइफ को थकान होती है तो मैं ही अपनी वाइफ की मसाज करता हूँ. वह मेरे स्पर्श मात्र से एकदम रिलैक्स हो जाती है.
लेकिन प्रोफेशनली आज यह मेरी पहली मसाज थी तो मैंने अविशा के ऊपर मसाज करना शुरू की.
उसकी टांगों से शुरू होते हुए नितंबों पर आया और नितंबों से कंधों पर …
फिर कंधों से गले पर मसाज करते हुए मैं उसे पूरी आजादी से सहला रहा था.
वह भी अपने जिस्म को मेरे सुघड़ हाथों से मालिश करवाती हुई आराम पा रही थी.
मैं उसकी किसी भी विरोधात्मक प्रतिक्रिया न होने के कारण एकदम बिंदास हो
गया था और अपने पूरे जिस्म को उसके जिस्म से रगड़ कर मसाज किए जा रहा था.
वह बोली कि सच में राज आपके हाथों में तो जादू है. एक बात पूछूं?
मैंने कहा- हां पूछो न अविशा?
वह बोली- मसाज पार्लर में तो वहां बहुत सी दूसरी भी सर्विस दी जाती हैं, क्या आप भी कोई एक्स्ट्रा सर्विस देते हो राज जी?
मैं समझ गया कि वह मजे लेने के मूड में बोल रही है.
मैं उसके कंधों को अपने हाथों से सहलाते हुए बोला- अविशा मैडम. मैं सारी
स्वीट सर्विस देता हूं, बस आप बोलिए कि आपको कौन सी सर्विस चाहिए? बस मेरी
हर सर्विस का चार्ज लगेगा!
वह हंसने लगी और बोली- आप चार्ज की बात बहुत करते हो, आज जो भी चार्ज लेना
चाहो, आप ले लेना … बस आप अपनी सर्विसिज की वैराइटी तो बताओ?
मैंने कहा- मैडम आप बोलिए तो सही कि आपको क्या सेवा चाहिए!
वह बोली- आपके हाथों में तो जादू है, यह आपने अपनी मसाज से ही बता दिया है.
सच कह रही हूँ मेरे पूरे बदन को आपने ऊपरी तौर से बहुत जबरदस्त आनन्द और
रिलैक्स दे दिया है … अब मुझे इससे आगे भी कुछ चाहिए!
मैं उसके बदन की मसाज करता जा रहा था और वह बोलती जा रही थी.
मैं नीचे आ गया और धीरे-धीरे उसके नितंबों से होते हुए मैंने उसकी गांड के
छेद के ऊपर से अपनी उंगली घुमाई और उसकी त्वचा से लगा तेल समेट कर तेल को
अन्दर घुसाने लगा था.
वह जरा भी मना नहीं कर रही थी.
इसी लिए अब मेरा हाथ कभी-कभी पीछे से उसकी चूत तक जाकर चूत के निचले सिरे पर टच हो रहा था.
उसने एक बार ऐसा महसूस किया तो अपने पैरों को और खोल दिया.
वह खुलकर मसाज का मजा कर रही थी.
अचानक से वह बोली- मस्त कर रहे हो राज … यू आर सो गुड … आप मेरी पूरी
बॉडी को कहीं भी बिना टच किए मत रखना … सब जगह मुझे आपका स्पर्श चाहिए!
उसने जैसे ही यह कहा तो मैंने उससे ब्रा पैंटी भी उतरवा दिए.
वह बड़ी फुर्ती में नंगी हो गई और मस्ती में आकर बोली ‘मुझे अब बॉडी टू बॉडी मसाज लेनी है!’
अब तक करीब एक घंटा हो गया था; मैंने उसे बेहतरीन मसाज दी थी.
मैंने कहा- मैडम, आप पहले मेरी मसाज का अच्छे से आनन्द ले लीजिए, फिर जैसा आप कहेंगी … मैं आपको अपनी सेवा दे दूंगा.
वह नंगी हो औंधी लेट गई थी तो मैंने उसकी पूरी बॉडी पर तेल लगाकर उसकी रगड़ कर मसाज की.
इससे उसकी बॉडी एकदम से झनझना सी गई.
वह मेरे हाथों की मजबूती से सिहर उठी.
वह उसी वक्त चित हो गई और अपनी दोनों टांगों को चुदने के लिए खोल लिया.
उसे चित देख कर मैं बौरा गया था.
हिजड़े शीमेल ने मेरी गांड मार ली
हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम नेहल उर्फ नेहा है.
मैं एक बार फिर से नई शीमेल Xxx कहानी लेकर आप सबके सामने हाज़िर हूँ.
मैं अपनी गांड मरवाने का व किसी लड़की या लड़के की गांड मारने का बड़ा शौकीन हूँ और मैंने अब तक अनेकों लौड़े अपनी गांड में लिए हैं.
इस बार मैंने एक शीमेल के साथ सेक्स किया था.
शीमेल माने हिजड़ा के साथ चुदाई का मजा लिया था.
दरअसल हुआ यूं कि इंस्टाग्राम पर मैं एक शीमेल को फॉलो करता था जिसका नाम आलिया था.
वह दिखने में बहुत खूबसूरत थी और अक्सर अपनी रील्स अपलोड किया करती थी.
उसके दूध जबरदस्त उठे हुए थे और पिछवाड़ा भी क्या मस्त था कि देखने वाले के लंड में आग ही लग जाए.
मैं उसकी रील्स को लाइक करता था और कमेंट्स भी करता था.
वह भी मेरी फैन हो गई थी.
एक दिन उसका जन्मदिन था तो मैंने उसे विश किया.
उसने मुझे धन्यवाद लिखा और फिर हमारी बात शुरू हो गई.
वह मुंबई से थी और मैं गुजरात से.
हमारी सामान्य बातें चलती रहीं.
एक दिन बातों-बातों में मैंने उससे सेक्स के बारे में बात शुरू कर दी.
बातों ही बातों में वह मुझसे अपनी गांड मरवाने के लिए राजी हो गई थी.
मैंने उससे खुल कर बात कर ली थी कि मैं उसकी गांड मारना चाहता हूँ और वह भी मेरे साथ गांड मरवाने के लिए रेडी थी.
मैं भी इस बात को समझता था कि हिजड़े गांड मरवाते हैं और बदले में दुआ देने के नाम पर कुछ रुपए लेते हैं.
हम दोनों खूब मस्ती करते थे.
मैं उसे अपना लंड दिखाता रहता था तो वह मेरे लौड़े की फैन हो गई थी.
एक दिन मैंने उससे कहा- अगर आप कभी गुजरात आईं तो मुझसे मिलेंगी ना?
उसने हामी भर दी.
यही बात उसने मुझसे भी पूछ ली- तुम यदि मुंबई आई तो मुझसे मिलने आओगे न!
मैंने भी हां कह दी.
अचानक अगले महीने ही मेरे दोस्तों ने मिलकर मुंबई घूमने का प्लान बनाया.
मैंने तुरंत आलिया को इंस्टा पर मैसेज किया.
मैंने उससे कहा कि मैं मुंबई आ रहा हूँ.
उसने जवाब दिया- ठीक है, आकर कॉल करना.
मैंने कहा- गांड मरवाओगी न!
उसने हंस कर कहा- अरे आओ तो राजा, मैं भी तुम्हारी गांड मार लूँगी.
मुझे उसकी बात मजाक लगी.
मैंने सोचा कि साली हिजड़ा है, इसका लंड किस काम का होगा!
तब भी मैंने मस्ती लेने के लिए हां कह दिया.
मैं मुंबई पहुंचा और एक होटल ले लिया.
मैं घूमने कम, बल्कि आलिया से मिलने के लिए ज्यादा बेकरार था.
वहां जाकर मैंने उसे मैसेज किया.
उसने अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर दी.
मैंने अपने दोस्तों से कहा- मैं एक दोस्त से मिलने जा रहा हूँ, मुझे आने में शायद देर हो जाएगी.
यह कहकर मैं निकल पड़ा.
मैं उसके बताए पते पर पहुंचा.
वह पता एक बहुमंजिला इमारत में एक फ्लैट का था.
मैंने दरवाजा खटखटाया.
अचानक से किसी ने दरवाजा खोला, तो मैं थोड़ा डर गया.
उसने पूछा- किससे काम है?
मैंने कहा- आलिया जी हैं?
उसने आलिया को बुलाया.
आलिया आई और वह मुझे घर के अन्दर ले गई.
अन्दर जाकर पता चला कि उस फ्लैट में तीन शीमेल का ग्रुप रहता था.
मैं थोड़ा सकपकाया हुआ था.
उसने मुझे अन्दर दूसरे कमरे में जाने को कहा.
मैं अन्दर चला गया.
थोड़ी देर बाद आलिया अन्दर आई और वह सीधे बाथरूम में चली गई.
मैं बिस्तर पर बैठ गया.
लगभग दस मिनट बाद वह बाहर आई.
उसने ब्राउन कलर का गाउन पहना था.
उसने मुझे कमरे में रखे एक छोटे फ्रिज से निकाल कर पेप्सी की बोतल दी और खुद आईने के सामने बैठ गई.
मैं उसे गौर से देख रहा था.
उसने ब्राउन कलर की लिपस्टिक लगाई और बिंदी भी लगाई.
उसने नोटिस किया कि मैं उसे घूर रहा हूँ.
वह बोली- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- मुझे भी गाउन पहनना है!
उसने हंस कर मुझे देखा और उठ कर मुझे एक दूसरे रंग का गाउन दे दिया.
साथ ही कह दिया कि बाथरूम में जाकर चेंज कर लो.
उसने ऐसा कहा, तो मैं बाथरूम में अन्दर गया और उधर अपने सारे कपड़े उतार कर गाउन पहना और वापस कमरे में आ गया.
वह बिस्तर पर बैठी थी.
मैं भी उसके पास जाकर बिस्तर पर बैठ गया, पर उससे थोड़ा दूर.
उसने मेरा हाथ पकड़ा और सहलाने लगी.
हम दोनों में बातें शुरू हुईं.
अचानक उसने मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और मेरे एकदम करीब आ गई.
मैं उसके साथ होने का अहसास महसूस कर रहा था.
उसने लिप किस शुरू कर दी.
थोड़ी देर बाद उसने कहा- गाउन उतार दो.
मैंने गाउन उतार दिया.
मैंने अन्दर सिर्फ़ चड्डी पहनी थी.
मैं उसके पास को सरक गया.
उसने मेरे निप्पलों के साथ खेलना शुरू कर दिया व उन्हें सहलाने लगी.
उसके नाखून बड़े-बड़े थे और वह उनसे मेरे निप्पलों पर चिमटियां काटने लगी.
मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था, पर मजा भी आ रहा था.
उसने और जोश में आकर मेरे एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
कभी-कभी वह दांतों से काट भी देती थी.
मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं सिसकारियां ले रहा था ‘आह … ओह.’
थोड़ी देर बाद वह अलग हुई और बोली- क्यों … क्या हुआ?
मैंने कहा- थोड़ा मीठा मीठा सा दर्द हो रहा था!
वह हंसने लगी और बोली- मैं तो मीठी हूँ ही … मुझे तो लड़कों के निप्पलों के साथ खेलने में बड़ा मज़ा आता है. वैसे तुम्हारे दूध तो वाकयी मस्त हैं.
यह कह कर उसने अपनी ब्रा उतारी और मुझसे अपने निप्पल चूसने को कहा.
मैं उसके फूले हुए से मम्मों से खेलने लगा और उसके एक दूध को चूसने लगा.
बीच-बीच में मैं हल्के से काट भी देता था.
उसने प्यार से मुझे एक चांटा लगाया ‘ऊँह … लगती है न राजा … काटो नहीं प्लीज!’
मैंने कहा- तुम काटो तो चलेगा, मैं काटूँ तो नखरा!
ऐसा कहकर मैं हंसने लगा.
वह भी खिलखिला कर हंसने लगी.
मैंने उससे कहा- काटो, मगर प्यार से!
वह मुझे प्यार से चाटने लगी उसकी जीभ मेरे दूध पर चल रही थी.
मैंने उससे पूछा- तुम पहले कौन सा रोल प्ले करना चाहोगी?
उसने कहा- तुम पहल करो, मैं बाद में बताती हूँ!
मैंने कहा- ओके मैं पहले करना चाहूँगा!
उसने अपनी पैंटी उतारी और कुतिया बन गई.
मैंने उसकी गांड मारी और साथ में उसका मस्त सा दिखने वाला लंड सहलाया.
मैं हैरान था कि साले का लंड तो एकदम कड़क है, पर यह हिजड़ा कैसे है!
मगर मैंने कुछ कहा नहीं क्योंकि वह मुझे एक मस्त भाभी सा मजा दे रही थी.
उसके दूध बड़े कड़क थे जिनको चूसने और मसलने में मुझे बेहद लज्जत मिल रही थी.
मैं उसकी गांड मार कर फारिग हुआ तो वह प्यार से मुझे चूमने लगी.
उसे मुझसे गांड मरवाने में मजा आया और मुझे भी उसकी लेने में बड़ा मज़ा आया था.
उसने अपना लंड सहला कर मेरी तरफ देख कर आंख मारी.
मैं समझ गया कि अब मेरी बारी आ गई है.
मैंने उसके लंड को देखा, तो वह दिखने में मस्त था.
उसके लौड़े का टोपा गुलाबी था और चमड़ी भूरी थी.
लंड बिना बालों का था … बिल्कुल क्लीन शेव.
मैं अभी उसके लंड को देख ही रहा था कि उसने मेरा सिर पकड़ कर अपने लंड को मेरे मुँह में डाल दिया.
मैंने जैसे तैसे उसका हाथ हटाया और कहा- ऐसे मत करो यार!
उसने सॉरी कहा.
फिर मैंने उसके लंड को अपने हाथ में लिया और मुँह में लेना शुरू किया.
उसके प्रीकम का स्वाद हल्का-सा नमकीन था.
थोड़ी देर चूसने के बाद उसने मुझे लेटने के लिए कहा.
मैं अपनी टांगें फैलाकर लेट गया.
उसने मेरी गांड के नीचे तकिया लगाया और मेरे पैर ऊपर किए.
फिर उसने अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया, अपने हाथ पर थोड़ा थूक लिया और मेरी गांड पर लगाया.
इसके बाद उस Xxx शीमेल ने हल्के से अपने लंड को मेरी गांड पर सैट किया और एक झटका मारा.
मैं मीठे मज़े से चिल्ला पड़ा- एई ईई … हायई ईई … प्लीज़ निकाल लो, फट जाएगी. बहुत वैसा-सा हो रहा है, प्लीज़-प्लीज़ निकाल लो.
उसने मेरे मुँह पर अपना हाथ रखकर कहा- चुप हो जाओ, वरना कोई बाहर सुन लेगा, तो फिर तुम्हें उनको भी मजा देना पड़ेगा.
मैं चुप हो गया साला तीन तीन को कैसे झेल पाता.
वह मेरे निप्पलों से खेलने लगी, उन्हें चाटने लगी.
इससे मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ.
उसने अपना एक बूब मेरे मुँह में दे दिया ताकि मैं चिल्लाऊं ना.
फिर उसने दूसरा झटका मारा.
मैंने उसके दोनों हाथ खींच लिए और दर्द सहन कर लिया.
उसने मेरे माथे पर एक प्यारी-सी चुम्मी दी, मुस्कुराई और फिर से ऊपर उठी.
उसने अपना लंड सैट पुनः किया और इस बार फिर से घुसाया.
इस बार कुछ हुआ नहीं.
मैंने आंखें बंद कर लीं.
उसने मेरे दोनों हाथ अपने हाथों में लिए और मुझसे समर्थन लेकर चुदाई शुरू की. कभी वह मेरे निप्पलों चूसती, कभी मुझे किस करती.
ऐसे ही करीब 5-7 मिनट तक चुदाई चली.
बाद में वह खड़ी हो गई और इशारे से मुझे खड़ा होने को कहा.
मैं खड़ा हो गया.
उसने मेरे बदन पर अपना सारा गर्म गर्म पानी गिरा दिया.
मैंने आंखें बंद कर लीं.
वह हांफ रही थी.
मैं उठकर बाथरूम में चला गया.
थोड़ी देर बाद वह भी अन्दर आई और हम दोनों ने मिल कर शॉवर लिया.
उसने पूछा- मेरा लंड साफ करोगे?
मैंने कहा- हां!
मैं घुटनों के बल बैठ गया और उसके लंड को हाथ में लेकर साबुन से धोने लगा.
उसने फिर से मुझे चूसने को कहा.
इस बार मैंने प्यार से उसका लंड चूसा.
फिर हम नहाकर बाहर आ गए.
मैंने अपने कपड़े पहन लिए और उसने गाउन पहन लिया.
हम दोनों बाहर के कमरे में गए.
वहां उसके दोनों साथी किन्नर टीवी देख रही थीं.
मुझे देखकर वे दोनों हंसने लगीं और बोलीं- आलिया बेबी .. आपने क्या किया जो यह चिकना लौंडा इतनी ज़ोर से चिल्ला दिया!
मैं थोड़ा शर्मा गया.
आलिया ने कहा- बेचारे को छेड़ो मत, मेरे बाबू को!
ऐसा कहकर वह मेरे पास आई और आखिरी बार मुझे एक किस किया.
फिर मैं उसको कुछ पैसे देकर वहां से चला गया.
तो ये थी मेरी और आलिया की प्यार भरी चुदाई की कहानी.
हिजड़े का लंड चूस के उसकी गांड मारी
छक्का सेक्स कहानी में मैं गांड मारने मरवाने, लंड चूसने चुसवाने यानि गे सेक्स का शौकीन हूँ. एक बार ट्रेन में मुझे एक हीजड़ा पसंद आ गया. स्टेशन पर मैंने उससे बात की.
दोस्तो, मेरा नाम नेहा है।
वैसे तो मैं एक लड़का हूँ पर जिन्होंने मेरी पिछली कहानी
हिजड़े शीमेल ने मेरी गांड मार ली
पढ़ी हैं, उन्हें पता है कि मैं क्या हूँ.
ये छक्का सेक्स कहानी मेरी तीसरी कहानी है।
मैं ट्रेन से सूरत जा रहा था।
सबको पता है कि ट्रेन में हिजड़े पैसे माँगने के लिए आते हैं।
मैं ट्रेन में बैठा था और हेडफोन लगाकर म्यूजिक सुन रहा था।
अचानक मुझे ताली बजाने की आवाज़ सुनाई दी।
मैंने देखा तो हिजड़े पैसे माँगने के लिए आए थे।
वो मेरे पास आए और पैसे माँगने लगे।
मैंने कुछ नहीं दिया।
वो जबरदस्ती से पैसे निकालने में एक्सपर्ट होते हैं।
“अरे, पैसे दे!” उन्होंने कहा।
मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
थोड़ी देर बाद वो चले गए।
उसी समय मेरा स्टेशन आ गया तो मैं उतर गया।
उस हिजड़ों के ग्रुप में एक बहुत चिकना दिखने वाला हिजड़ा था।
मैं उतरा, वो थोड़ा दूर खड़ा था।
मैं उधर गया, वहाँ सब लोग थे।
मैंने उसको इशारे से बुलाया।
वो मेरे पास आने लगा।
मैं आगे चलने लगा।
थोड़ी देर बाद हम स्टेशन से बाहर आ गए।
उसने मुझे पीछे से आवाज़ लगाई।
मैं खड़ा हो गया।
“बुलाकर कहाँ चल दिए!” उसने कहा।
मैंने कहा, “मुझे काम है, पर यहाँ सब लोग हैं, इसलिए मैंने तुमसे बात नहीं की।”
“क्या काम है?” उसने पूछा।
मैंने कहा, “तुम्हारे पास वो है।”
“क्या वो? मुझे बताओ!” उसने कहा।
मुझे भी शर्म आ रही थी।
उसने कहा, “थोड़ा खुलकर कहो!”
मैंने कहा, “लंड है!”
वो हँसने लगी- “क्यों, तुमको क्या काम है!”
मैंने कहा, “मैं तुम्हें पैसे दूँगा, 500 रुपये!”
वो बात समझ गई छक्का सेक्स की।
उसने कहा, “ठीक है, पर यहाँ कहाँ? पकड़े गए तो बदनामी हो जाएगी!”
मैंने कहा, “तुम कुछ करो, तुम्हें तो पता होगा!”
उसने कहा, “ठीक है, रुको!”
वो किसी को कॉल करने लगी।
थोड़ी देर बाद बोली, “एक केबिन है, वहाँ चलते हैं।”
मैंने कहा, “कोई आ गया तो?”
उसने कहा, “वो पुरानी है, वहाँ कोई नहीं आता। तुम चलो!”
मैंने कहा, “ठीक है!”
फिर मैं चला।
हम केबिन में गए, वो टूटी-फूटी थी।
अंदर गए, वहाँ बहुत गंदा था।
फिर अंदर उसने कहा, “बोलो, क्या करना है!”
मैंने उसको पकड़ लिया और किस करने लगा।
थोड़ी देर बाद मैं घुटनों के सहारे बैठ गया।
उसने अपना घाघरा ऊपर किया।
मैंने उसकी पैंटी खिसकाई।
उसका लंड मेरी आँखों के सामने आ गया।
इतना बड़ा नहीं था, अच्छा-खासा था।
थोड़े-थोड़े बाल थे।
मैंने उसको हाथ में पकड़ा।
वो सिहर उठी।
मैंने उसको धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू किया।
वो सिसकारियाँ ले रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने हल्के से उसे मुँह में लिया और चूसने लगा।
करीब 2-3 मिनट तक चूसा।
उसके बाद मैं खड़ा हो गया और फिर से किस करने लगा।
उसके लिप पर किस करते हुए उसका लंड हिलाने लगा।
वो भी सिसकारियाँ ले रही थी।
थोड़ी देर बाद उसका पानी निकल गया।
फिर वो मुझसे चिपक गई।
थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।
फिर मैंने अपना पैंट खोला और उसने मेरा चूसना शुरू किया।
मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था।
सच में, क्या चूस रही थी, पूरी अपनी जीभ से!
थोड़ी देर बाद मैंने उसको दीवार के सहारे घोड़ी बनाया।
मेरे बैग से कंडोम निकाला, अपने लंड पर लगाया।
फिर घाघरा ऊपर करके उसकी गाँड में डाला।
2-3 मिनट के छक्का सेक्स के बाद मैं झड़ गया।
फिर उसने मेरा लंड साफ किया।
हमने लिप किस किया।
उसने कहा, “तुम निकल जाओ!”
मैं निकला, फिर ऑटो पकड़कर चला गया।
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